Dr. Mukta Agrawal
Dr. Mukta Agrawal
डॉ. मुक्ता अग्रवाल शासकीय के.आर.जी. कॉलेज, ग्वालियर में हिंदी की प्राध्यापक हैं। आपने कई पुस्तकों की प्रस्तावनाएँ लिखीं हैं और संपादन कार्य में भी सक्रिय रही हैं। आपके संपादन में सद्भावना पब्लिकेशन से
प्रकाशित पुस्तक “वैश्विक परिदृश्य में राम साहित्य” को व्यापक सराहना मिली। आपकी दूसरी प्रकाशित पुस्तक “महाकवि तुलसीदास के साहित्य में कलिकाल वर्णन” का विमोचन जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा हुआ और यह पाठकों द्वारा सराही गई है।
PUBLISHED BOOK
Bharatiya Sahitya Mein Shree Radha
Bharatiya Sahitya Mein Shree Radha
- Format:
सामाजिक पृष्ठ के हाशिए पर बुजुर्ग: जिम्मेदार कौन ?
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Lokanayak Tulsidas ke sahitya mein kalikaal Varnan
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