Sadbhawana Publication

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Lokanayak Tulsidas ke sahitya mein kalikaal Varnan

Original price was: ₹500.00.Current price is: ₹400.00.

  • Dr. Mukta Agarwal (Author)
  • ASIN ‏ : ‎ B0FD17WDG7
  • Publisher ‏ : ‎ Sadbhawana Publication (14 May 2025)
  • Language ‏ : ‎ Hindi
  • Paperback ‏ : ‎ 102 pages
  • Reading age ‏ : ‎ 10 years and up
  • Item Weight ‏ : ‎ 180 g
  • Dimensions ‏ : ‎ 1.27 x 13.97 x 21.59 cm
  • Country of Origin ‏ : ‎ India
  • Packer ‏ : ‎ 7987484155
  • Generic Name ‏ : ‎ Book
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📖 पुस्तक का नाम: लोकनायक तुलसीदास के साहित्य में कलिकाल वर्णन ✍🏻 लेखिका: डॉ. मुक्ता अग्रवाल 📚 प्रकाशक: सद्भावना पब्लिकेशन, अंबाह 📅 संस्करण: प्रथम संस्करण, मई 2025 📘 ISBN: 978-81-983526-6-8 💰 मूल्य: ₹500/- 📚 पुस्तक विवरण : “लोकनायक तुलसीदास के साहित्य में कलिकाल वर्णन” एक शोधपरक कृति है, जिसमें गोस्वामी तुलसीदास के साहित्य में कलियुग की स्थिति, उसकी सामाजिक, धार्मिक एवं नैतिक विशेषताओं का गहन विश्लेषण किया गया है। इस पुस्तक में लेखिका डॉ. मुक्ता अग्रवाल ने तुलसी साहित्य के माध्यम से कलियुग की व्याप्त विकृतियों, मानवीय मूल्यों के ह्रास, तथा समाज में व्याप्त अधर्म और अनाचार को सूक्ष्म दृष्टि से उद्घाटित किया है। यह ग्रंथ चार मुख्य अध्यायों में विभाजित है: कलियुग की अवधारणा और ऐतिहासिक/पौराणिक दृष्टिकोण तुलसीदास की दृष्टि में कलियुग का प्रभाव – व्यक्ति, समाज और शासन व्यवस्था पर कलियुग से मुक्ति के उपाय – संत संगति, नाम स्मरण, सेवा, त्याग, धर्मानुशासन आदि तुलसी साहित्य में वर्णित कलिकाल सम्बन्धी पद्य संकलन एवं महत्वपूर्ण निष्कर्ष यह पुस्तक तुलसी साहित्य के अध्येताओं, शोधार्थियों, हिन्दी साहित्य प्रेमियों एवं भारतीय संस्कृति में रुचि रखने वाले सभी पाठकों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं संग्रहणीय है। 📌 विशेषताएँ: तुलसीदास के ग्रंथों का गहन विश्लेषण धार्मिक, नैतिक और सामाजिक मूल्यों की पुनर्स्थापना का संदेश शोधकार्य हेतु उपयोगी संदर्भ ग्रंथ सुरुचिपूर्ण आवरण, सुंदर डिज़ाइन एवं स्पष्ट भाषा 📦 प्राप्त करें यह प्रेरणादायक ग्रंथ और जानें कि तुलसीदास ने कैसे कलिकाल की चुनौतियों का सामना करते हुए समाज को आदर्श जीवन मूल्यों की ओर अग्रसर किया। 🛒 अभी ऑर्डर करें और तुलसी साहित्य के गूढ़ रहस्यों से रूबरू हों!

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