Sadbhawana Publication

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Lo Raakh Chita Ki Le Aaya

Original price was: ₹300.00.Current price is: ₹240.00.

  • Hanuman Prasad Sharna (Author)
  • ASIN ‏ : ‎ B0FF3JBKKJ
  • Publisher ‏ : ‎ Sadbhawana Publication (19 June 2025)
  • Language ‏ : ‎ Hindi
  • Paperback ‏ : ‎ 106 pages
  • Reading age ‏ : ‎ 10 years and up
  • Item Weight ‏ : ‎ 190 g
  • Dimensions ‏ : ‎ 1.27 x 21.59 x 13.97 cm
  • Country of Origin ‏ : ‎ India
  • Packer ‏ : ‎ Sadbhawana Publication
  • Generic Name ‏ : ‎ Book
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📖 लो राख चिता की ले आया – हनुमान प्रसाद शर्मा ISBN: 978-81-987605-3-1 प्रकाशक: सद्भावना पब्लिकेशन | मूल्य: ₹300 🔥 दहेज जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ एक करुण और जागरूक करती काव्य-गाथा। यह काव्य संग्रह उस पीड़ा की गूंज है जो एक पिता को अपनी बेटी की चिता की राख लेकर लौटते समय महसूस होती है। यह केवल कविताओं का संकलन नहीं, बल्कि आज के समाज में व्याप्त दहेज, कन्या भ्रूण हत्या, स्त्री उत्पीड़न और नैतिक पतन जैसे विषयों पर एक सशक्त साहित्यिक हस्तक्षेप है। लेखक हनुमान प्रसाद शर्मा की रचनाएँ ग्रामीण संवेदनाओं, लोकभाषा की मिठास और सामाजिक चेतना से भरपूर हैं। उनकी कविताओं में: बेटियों के बचपन से दहेजाग्नि तक की मानसिक और भावनात्मक यात्रा है। विवाह संस्था की बदलती परिभाषा और स्वयंवर से दहेज तक की सामाजिक गिरावट की आलोचना है। करुणा, यथार्थ और चेतावनी का ऐसा संगम है जो पाठक को सोचने, समझने और कुछ करने के लिए प्रेरित करता है। 📚 क्यों पढ़ें यह किताब? यदि आप सामाजिक बदलाव के पक्षधर हैं। यदि आप साहित्य को केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व मानते हैं। यदि आप बेटियों की पीड़ा, सम्मान और अस्तित्व से जुड़ना चाहते हैं। “पाया था जो हीरा मैंने, दानव-दहेज को दे आया; बदले में उस हीरे के, लो राख चिता की ले आया।” यह पुस्तक विद्यालयों, महाविद्यालयों, महिला मंचों, और सामाजिक संगठनों के लिए अत्यंत उपयोगी है। यह एक साहित्यिक दस्तावेज़ है, जो संवेदना से सृजित, विवेक से संपन्न, और परिवर्तन की प्रेरणा है।

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